बुधवार, 24 जनवरी 2018

नशिव आजमाव के दिन

नशिव आजमाव के दिन आ रहल अछि
करीव हुनका आव के दिन आ रहल अछि
जे दिल स कहलों,जे दिल स सुनलौं
सब हुनका सुनाव के दिन आ रहल अछि.....
हे मिथ्या !
हे चराचर !
अब विलम्ब इंतज़ारक विनु आहाँक
असहनीय वेदना विनु आहाँक
उ क्षुधा, प्याश बनी मनके तड़पा रहल अछि
कोना कहु, कि कहु,
कतेक याद आहाँकs आ रहल अछि
कतेक याद............
लगैय.., शायद
ओ अवर्णीय पल दोबारा नै अ्यात
ओ विस्वसनीय साथ दोवारा नै ह्यात
तैयो, इ पागल मनके समझबैत,
झूठा दिल
ख़ुशी के तिलाशा दिला रहल अछि.....
......नशिव अजमाव के..........

                              लेखक,
                       अभिजीत चौधरी
                      "अभिजीत आनंद"
                    ©सर्वाधिकार सुरक्षित

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